Home दिल्ली दिल्ली जल बोर्ड पानी से गंदगी कम करने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही हैं: राघव चड्ढा

दिल्ली जल बोर्ड पानी से गंदगी कम करने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही हैं: राघव चड्ढा

4 second read
0
0
105

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष व आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने कहा कि उत्तराखंड के चमोली में आकस्मिक बाढ़ आने से दिल्ली में ऊपरी गंगा नहर से आने वाले पानी में गंदगी अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ गई है, जिससे देश की राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

आप नेता ने एक के बाद एक कई ट्वीट किये जिसमें उन्होंने कहा कि उत्तराखंड त्रासदी के बाद गंगा से दिल्ली को आने वाले पानी में काफी मलबा आ रहा था जिसके कारण कई हिस्सों में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई थी। सीएम केजरीवाल के निर्देष अनुसार दिल्ली जल बोर्ड पानी से गंदगी कम करने के लिए सभी संभव प्रयास कर रहा हैं।

चड्डा ने आगे कहा कि माननीय सीएम के निर्देश पर द दिल्ली जल बोर्ड टीम इस स्थिति को कम करने के लिए अथक प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप अशांति का स्तर 8000 NTU से 960 NTU तक नीचे लाया गया है। आगे की कोशिशें जारी हैं और एक दिन के समय के स्तर को सामान्य सीमा में लाया जाएगा।

आप नेता ने आगे कहा कि उत्तराखंड आपदा के बाद में उच्च अशांति के स्तर से निपटने के लिए तैयारियों की जांच करने के लिए आज सुबह भगीरथी जल उपचार संयंत्र का दौरा किया और यह बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की कि दिल्ली जल बोर्ड WTP के अथक प्रयासों के कारण WTP एक बार फिर पूरी क्षमता से काम कर रहा है।

आप को बता दे कि इससे पहले भी चड्डा ने कहा कि उत्तराखंड के चमोली में आकस्मिक बाढ़ आने से दिल्ली में उपरी गंगा नहर से आने वाले पानी में गंदगी अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ गई है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी कई हिस्सों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा टर्बिडिटी एक तरल की सापेक्ष स्पष्टता का माप है। टर्बिडिटी को नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट्स (NTU) में मापा जाता है। मलबे, गाद, कीचड़, शैवाल, पौधों के टुकड़े, पिघलने वाले ग्लेशियर, चूरा, लकड़ी की राख या पानी में रसायनों के कारण उच्च अशांति हो सकती है।

पानी की आपूर्ति दक्षिण, पूर्व और उत्तर पूर्व दिल्ली के कुछ हिस्सों में होने की संभावना है। हम नागरिकों से पानी का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करने का आग्रह करते हैं। पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर आदि तैनात किए जा रहे हैं और मैलापन कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने आगे लिखा था उत्तराखंड के बाद के हिस्से में, ऊपरी गंगा नहर से दिल्ली द्वारा लाए जाने वाले कच्चे पानी में मैलापन अभूतपूर्व स्तर (8000 NTU) तक बढ़ गया है। नतीजतन, दिल्ली जल बोर्ड सोनिया विहार और भागीरथी जल उपचार संयंत्र वर्तमान में कम क्षमता पर काम कर रहे हैं

Load More By Delhi Desk
Load More In दिल्ली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

दिल्ली में अब 100 प्रतिशत की क्षमता के साथ सरकारी कार्यालय खोलने की मिली इजाजत

देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आ रही है। राजधानी दिल्ली में रोजाना 150 स…